Aaradhna (आराधना)

आराधना

किसी भी देवी-देवता की आराधना से तात्पर्य उनका तन-मन से ध्यान और पूजा से है। संछिप्त और अत्यंत सरल विधि यहाँ पर बताया गया है कृपया आराधना करते समय इनका ध्यान रखे-
१.सर्वप्रथम एक पवित्र स्थान का चयन करे।
२.एक साफ़ लकड़ी के पाटे के ऊपर विशेष रंग का कपडा बिछाये उदाहरण- शिव जी के लिए सफ़ेद, विष्णु जी के लिए पीला, दुर्गा देवी, सूर्य एवं हनुमान जी के लिए लाल, शनि देव के लिए काला या नीला इत्यादि।
३.अपने आराध्य या किसी भी देवी अथवा देवता की मूर्ति या फोटो उस पर स्थापित करे। ध्यान रहे पूजाघर में मूर्तियाँ 1 ,3 , 5 , 7 , 9 ,11 इंच तक की होनी चाहिए, इससे बड़ी नहीं।
४.सूर्य, गणेश, दुर्गा, शिव और विष्णु, इनकी पूजा सभी कार्यों में अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए और प्रतिदिन पूजन करते समय इनका ध्यान करना चाहिए।
५.घी या तेल का दीपक जलाये।
६.नहाने के बाद पवित्र और सादे कपड़ो में देवताओ की आराधना एकांत मन से करे।
७.पूजा हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख रखकर करनी चाहिए।
८.उचित मंत्रो का जाप करे।
९.संभव हो तो हवन, आरती, दान एवं क्षमायाचना अवश्य करे I पूजन-कर्म और आरती पूर्ण होने के उपरान्त उसी स्थान पर खड़े होकर तीन परिक्रमा अवश्य करनी चाहिए।
१०.अपवित्र धातु जैसे एल्युमिनियम और लोहे से बने बर्तनों का उपयोग पूजा में न करे।
११.आराधना में सबसे प्रमुख है आपका ध्यान और श्रध्दा।

प्रमुख देवी-देवताओ के मन्त्र

विनायक : ॐ सिद्धि विनायकाय नमः
सरस्वती : ॐ सरस्वत्यै नमः
लक्ष्मी : ॐ महा लक्ष्म्यै नमः
दुर्गा : ॐ दुर्गायै नमः
महाविष्णु : ॐ श्री विष्णवे नमः / ॐ नमो नारायणाय
कृष्ण : ॐ श्री कृष्णाय नमः / ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
राम : ॐ श्री रामचन्द्राय नमः
शिव : ॐ शिवाय नमः / ॐ नमः शिवाय

पूजा के पूर्व संकल्प (हिंदी में)

मैं (अपना नाम) विक्रम संवत् 2072 को, ……..मास के ……. तिथि को ……के दिन, ……..नक्षत्र में, भारत देश के …….राज्य के ……..शहर में (जगह का नाम) में (पूजन का नाम) पूजन कर रही/रहा हूं। (देवी/देवता का नाम) मेरी मनोकामना (मनोकामना बोलें) पूरी करें।

शुद्धिकरण का मंत्र
ॐ अपवित्रः पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोऽपि वा। यः स्मरेत् पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यान्तरः शुचिः॥


पूजा के अति सरल मंत्र-

1. ॐ (देवी/देवता का नाम लें)
2. ध्यायामि (ध्यान)
3. आवाहयामि (आवाहन)
4. आसनं समर्पयामि (आसन)
5. जलं आचमनम् समर्पयामि (आचमन)
6. पंचामृत स्नानं समर्पयामि (स्नान)
7. जलं स्नानं समर्पयामि (स्नान)
8. वस्त्र युग्मं समर्पयामि (वस्त्र)
9. यज्ञोपवीतं धारयामि (यज्ञोपवीत)
10. प्रतिष्ठापयामि (प्रतिष्ठा)
11. धूपं आघ्रापयामि (धुप)
12. दीपं दर्शयामि (दीप)
13. अक्षतान् समर्पयामि (अक्षत/चावल)
14. पुष्पैः पूजयामि (पुष्प)
15. नैवेद्यं निवेदयामि (नैवेद्य)
16. पंचमेवा भोजनम् समर्पयामि (पंचमेवा)
17. फलाष्टकं समर्पयामि (फल)
18. ताम्बूलं समर्पयामि ताम्बूल (पान खिलाना)
19. आरती
20. कर्पूर नीराजनं समर्पयामि/ कपूरं च प्रदीपितम् (कर्पूर)
21. प्रदक्षिणा (आवाहित देवी/देवता के अनुसार प्रदक्षिणा)
22. विसर्जन (आवाहित देवी/देवता का विसर्जन)
23. अर्ध्यदान (ज्योति की छाया दिखाना)
24. दक्षिणा
25. क्षमायाचना

प्रदक्षिणा का मंत्र
यानि कानि च पापानि जन्मान्तर कृतानि च।
तानि तानि विनश्यन्ति प्रदक्षिणा पदे-पदे।।
विष्णु की चार, गणेश की तीन,सूर्य की सात, दुर्गा की एक एवं शिव की आधी परिक्रमा कर सकते हैं।

दक्षिणा मंत्र
यथाशक्ति द्रव्यदक्षिणाम समर्पयामि।

क्षमायाचना का मंत्र
पूजन में रह गई किसी भी प्रकार की त्रुटि के लिए भगवान से उक्त मंत्र के साथ क्षमा-प्रार्थना करे।
जीवन में सुख समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना करें।

आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनं।
पूजाविधिं न जानामि क्षमस्व पुरुषोत्तम।।